बुधवार, 17 सितंबर 2008

shiva

ॐ नमो भगवते सदाशिवाय, ,सकल तत्वात्मकाया, सर्व मंत्रस्वरूपाया, सर्व यन्त्र आधिश तिताया,

सर्व तंत्र स्वरूपाय, सर्व तत्त्व विदूराया, ब्रह्म रुद्र अव्तारिने नील कन्थाया पार्वती मनोहर प्रियाय,

सोम सूर्याग्नी लोचनाय, बस्मधू लिट विग्रहाय, महा मणि मुकुट धार्नाया,माणिक्य भुशानाया,

श्रीस्ती स्थिथि परलय काल रौद्र अव्ताराया, महकल्भेद्नाया,मूलाधारयेक नीलायाया, तत्वातीताया,

गंगाधराय, सर्वदेवाधि देवाय,शादाश्रयाया, वेदान्तासाराया,त्रिवर्ग साधनाय, अनंता कोटि ब्रह्मांडा नायाकाया,

अनंता वासु(हु)की तक्शाक कर्कोटक शंख कलिकपद्मा महापद्म्येत-येती, अष्ट महानाग कुल भूशानाया,

प्रणव स्वरूपाय, चिदाकाशाया अकाशादिक स्वरूपाय, ग्रह नक्षत्र मालिने, सकलाय, कलंकर हिताय,

सकल लोकय्क करते,सकल लोकय्क करते,सकल लोकय्क भरते,सकल लोकय्क संहरते,

सकल लोकय्क गा(हा)रवी सकल लोकय्क साक्षिणी, सकल निगम गृह्वाया, सकल वेदान्त पारगाय,

सकल लोकय्क वरप्रदाय, सकल लोकय्क शंकराय, सकल दरितारती(र) भन्जनाय,

सकल जगद भायांकराया, शशांक शेखराय, शास्वत निज वासाय, निराकाराय, निराभासाय, निरा-म्याया, निर्मलाय, निर्लोभाया, निर्मोहाया, निर्मार्दाया, निष् चिन्ताया, निरा(हा)नकाराय, निराहंकशाया, निराकुलाय, निष् कलंकाया निर्गुणाय, निष् कामाय,निरूपप्लावाया, निरुपद्रवाया, निर्वाधाया, निरंताराया, निष् कार्नाया,

निरानता काया, निष् प्रपचाया, निः संगाया, निर्द्वान्दाया, निराधाराया, निरागाया, निष् क्रोधाय, निर्लोपाया, निर्गामाया, निष् पापाय, नीर भयाय, नीर विकल्पाया, नीर भेदाया, निष् क्रियाया, निस्तुलाया, निः संश्याया,

निरंजनाय, निरूपमावी-भवाय, नित्य शुदा बुद्धिमकता परिपूर्ण, सच्चिदानान्दद्वाया, परम शांत स्वरूपाय,

तेजो रूपया,तेजो मायाय, तेजो अधिपता-ये, जे जे रुद्र महा रौद्र भाद्राव्तार महा बैरव, काल भैरव, कल्पान्त भैरव,

कपाल मलाधार, चर्मखंगाधर पाशांकुश स्किन (चर्म), डमरू कर, त्रिशूल्चाप बाण गदा शक्ति तोमर, मुसल मुद्गर पाश परिघ भुशुंडी शतघ्नी, चक्राध्याय, भीषण कर सहस्त्र मुख दंष्ट्र कराल वादन, विकातात्ताहास विस्फारिर्ट, ब्रह्मांडा मंडल, नागेन्द्र कुंडल, नागेन्द्रहार, नागेन्द्र वलय, नागेन्द्र चर्म धर, नागेन्द्र निकेतन मृत्युंजय त्रयम्बक, त्रिपुरान्तक, विश्व रूप, विरूपाक्ष, विश्वेश्वर, वृषभा वाहन, विश्वभूषण विश्व तोमुख, सर्वतोमुख रक्ष रक्ष, मम ज्वाल ज्वाल, प्रज्वल प्रज्वल महा मृत्यु भयम शमय, शमय अप मृत्यु भयम नाशाय, नाशाय, रोग भयम उत्सदयोत सदय चोर भय मत्साद्योत पाद्य, विष सर्प भयम शमय शमय, चौरान मारया मारया, मम शत्रून उच्चात्ताया उच्चात्ताया, त्रिशूलें विदार्य विदाराया, कन्थारें भिन्धि भिन्धि, खंगें चिंधी चिंधी, ख़त वान्गें, विपुधाया, विपुधाया, मुन्सलें निष् पश्य निष् पश्य , बानोऊ(ह) संतादय संतादय, रक्षा रक्शांसी भीषया भीषया अशेष भूटान विद्रावाया विद्रावाया, कुश मांड भूता वेताल, मारीच, ब्रह्म राक्षसा गन्नान संत्रासाया संत्रास्य, फ्रिघ्तें थे बांड्स ऑफ़ बेतला, कुष्मांडा माम अभयम कुरु कुरु मामा पापा(म) शोधाया शोदय वित्रस्त मम अश्वास्या आश्वास्य, नरक महाभायाँ माम उद्धार उद्धार अमृत कटाक्ष विक्षानें मम आलोक्य आलोक्य संजीवाया, संजीवाया, क्शुत्र भयाम मम आप्याय आप्याय, दुःख तुरम मामा अनंद्य अनंद्य, शिव कवचेन मम आच्छाद्य आच्छाद्य हर हर म्र्तुन्जय त्र्यंबक सदाशिव परमशिव नमस्ते नमस्ते नमः

1 टिप्पणी:

Arvind Gaurav ने कहा…

aap jaise likhne waalo ki bahut kami hai... mujhe accha laga aapka blog dekhkar